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Education System in India Essay Best Guide in Hindi

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Education System in India Essay Guide in Hindi

भारत में शिक्षा प्रणाली एक मिट्टी की सांचे में मूर्ति बनाने की तरह है जिसमे छात्रों के भविष्य का निर्माण होता है, जो प्राथमिक से उच्च शिक्षा तक है। यह प्रणाली सरकारी और निजी संस्थानों दोनों के द्वारा संचालित होती है। भारत में शिक्षा प्रणाली पर निबंध (Education System in India Essay) के लेख में शिक्षा नीति के कुछ महत्वपूर्ण तथ्य को विस्तार से अध्ययन करेंगे I

What is Education System in India in Hindi

Education System in India Essay

भारत में शिक्षा प्रणाली बहुत पुरानी और विविधतापूर्ण प्रणालियों में से एक है। यह प्रणाली प्राथमिक, माध्यमिक, उच्चतर माध्यमिक, और उच्च शिक्षा स्तरों में खंडित है। भारत के संविधान ने शिक्षा को 14 वर्ष तक के बच्चों के लिए अनिवार्य और निःशुल्क बनाया है।

देश में केंद्रीय बोर्ड जैसे CBSE, ICSE और राज्य बोर्ड स्कूली शिक्षा को नियंत्रण और मान्यता प्रदान करती है, जबकि उच्च शिक्षा को आईआईटी, आईआईएम और विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित संस्थान करती हैं।

शिक्षा नीति, सरकारी और निजी विद्यालय दोनों शामिल हैं। भारत में सरकारी स्कूलों की शिक्षा सस्ती और सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में भी उपलब्ध है, जबकि निजी स्कूल बेहतर शिक्षा और गुणवत्ता के लिए जाने जाते हैं।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के द्वारा निरंतर भारतीय शिक्षा प्रणाली का विकास और चुनौतियां (reform in indian education system) में सुधार जारी हैं, जिसमें मल्टीडिसिप्लिनरी शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण, और तकनीकी शिक्षा सभी आते है। डिजिटल शिक्षा और ऑनलाइन लर्निंग भी दिनोदिन तेजी से बढ़ रही है।

Ancient Structure of Education System in India

भारत की प्राचीन काल में दो प्रकार की शिक्षा प्रणाली उपलब्ध थी I

1. Vedic Education System in India

प्राचीन भारत में शिक्षा प्रसार के लिए संस्कृत भाषा का उपयोग किया जाता था I इस समय में शिक्षा वेद, ब्राह्मण, उपनिषद और धर्मसूत्र के विषयों पर होती थी I

प्राचीन भारत में शिक्षा छात्रों को नैतिक मूल्य जैसे विनम्रता, सत्यनिष्ठा, अनुशासन, आत्मनिर्भरता, बड़ो का सम्मान और छोटे को आदर करना सिखाया जाता था I छात्र इस शिक्षा को प्राप्त करने के लिए आश्रमों, गुरुकुलों और मंदिरो में रहते है I

Old structure of education system in india के समय सरकार द्वारा कोई हस्तक्षेप नहीं था जैसे पाठ्यक्रम बनाना, शिक्षण का समय और फीस का भुगतान करना आदि I इस समय शिक्षक छात्रों का माता पिता से भी बड़ा गुरु होता था I

प्राचीन भारत में शिक्षा पर होने वाले खर्च का वहन राजा या दान के द्वारा मिलने वाला उपहार से किया जाता था I प्राचीन समय में किताबे नहीं था छात्र चीज़ो को दिमाग से याद रखते थे I

2. बौद्ध Structure of Education System in India

इसमें गुरुकुल होता था जिसमे छात्र अपना पढ़ाई पूरी करने तक घर से बाहर रहते थे I शिक्षा अवधि लगभग बारह साल की होती थी I बौद्ध शिक्षा में पिटक, अभिधर्म और सूत्र होते थे I

ब्याकरण के प्रसिद्ध गुरु पाणिनि थे I बौद्ध शिक्षा के अंतरगर्त हिन्दू शिक्षा भी प्रमुख था I शिक्षा का माध्यम मौखिक और वाद विवाद दोनों पर आधारित था I

तक्षशिला,नालंदा,वल्लभी,विक्रमशिला,उज्जैन और वनारस जो प्रसिद्ध प्राचीन भारत में शिक्षा का केंद्र था I यहाँ छात्र लम्बी और कठिन यात्रा कर शिक्षा ग्रहण करने के लिए आते थे I नालंदा जो भारत के बिहार राज्य में स्थित है इसे UNESCO द्वारा विश्व धरोहर स्थल की सूचि में भी शामिल किया था I

British Structure of Education System in India

भारत पर ब्रिटिश शासन के दौरान भी अंग्रेजो ने शिक्षा प्रणाली बनाई थी I यह प्रणाली चार्टर अधिनियम के द्वारा स्थापित किया गया था I ब्रिटिश संसद ने भारत में शिक्षा का पुनरुद्धार का अधिकार ईस्ट इंडिया कंपनी को दिया था I इसी कारण वैदिक और बौद्ध काल से लेकर ब्रिटिश शासन तक भारतीय शिक्षा (Education Reform in India) में अनेक सुधार हुए।

ब्रिटिश शासन में अनेक स्कूल और ईसाई के मिशनरी स्थापित हुआ जिसमे शिक्षा को बढ़ावा मिले I भारत में आधुनिक शिक्षा की नींव ब्रिटिश शासन ने ही रखा था I देश के लोगो ने पहली बार पश्चिमी देशों की शिक्षा प्रणाली के बारे में अवगत हुआ I

Structure of Education System in India

वर्तमान भारत में शिक्षा प्रणाली का विकास ( Evolution of education system in india ) छात्रों को वर्तमान समस्याओ से निपटने और बेहतर भविष्य को बनाने में मदद करती है I प्राचीन शिक्षा जो धर्मशास्त्र, वेद और उपनिषद पर आधारित था वही वर्तमान शिक्षा व्यवहारिक पर आधारित है I वर्तमान शिक्षा प्रणाली प्रयोगात्मक शिक्षा जैसे जीवन कौशल, स्वस्थ दृटिकोण और प्रौद्योगिकी को बहुत अधिक प्रोत्साहित करता है I

भारत में स्कूल शिक्षा प्रणाली बहुत बड़ा और जटिल है I कई निकाय मिलकल देखरेख करते है जैसे अखिल भारतीय तकनिकी शिक्षा परिषद्(AICTE), विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद I

देश के हर राज्य का भी अपना शिक्षा मंत्रालय होता है जो अपने क्षेत्र के अंतरगर्त शिक्षा को नियंत्रित करता है I वर्तमान शिक्षा प्रणाली की संरचना ( Structure of Education System in India ) के पाठ्यक्रमो में छात्रों विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान, भाषा, और तकनीकी education and skill devlopment का ज्ञान प्राप्त करता है।

कई नई शिक्षा नीतियो ने इसमें कई महत्वपूर्ण बदलाव की पहल किया। 2020 की निति 5+3+3+4 की संरचना को तैयार की, जो 3-18 वर्ष तक की आयु के बच्चों के लिए है। यह नीति प्री-प्राइमरी से उच्च शिक्षा के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास करती है।

Present Structure of Education System in India

structure of education system in india

शिक्षा प्रणाली की संरचना ( Structure of Education System in India ) विभिन्न स्तरों में बटा हुआ है। यह शिक्षा प्रणाली सभी छात्रों के समग्र विकास पर ध्यान केंद्रित है। इसकी संरचना मुख्य रूप कई भागों में विभाजित है आइये जानते है :

1. प्रारंभिक शिक्षा (Pre-primary Education)

यह शिक्षा 3 से 6 वर्ष की आयु के बच्चों को उपलब्ध कराया जाता है। यह आंगनवाड़ी, नर्सरी, और किंडरगार्टन आदि स्थानों में दिया जाता हैं।

2. प्राथमिक शिक्षा (Primary Education)

यह शिक्षा 1 से 5 कक्षा तक के लिए होती है। बच्चों की आयु 6 से 11 वर्ष के लिए है। इसमें बुनियादी पढ़ाई-लिखाई उपलब्ध किया जाता है।

3. माध्यमिक शिक्षा (Secondary Education)

यह 6 से 10 कक्षा के लिए होती है।

4. उच्च माध्यमिक शिक्षा (Higher Secondary Education)

उच्च माध्यमिक शिक्षा कक्षा 11 और 12 को कहा जाता है। इसमें छात्रों को विज्ञान, वाणिज्य, और कला जैसे विषयों में ज्ञान अर्जित करने के अवसर मिलते हैं।

5. उच्च शिक्षा (Higher Education)

 यह शिक्षा 12वीं कक्षा के बाद शुरू होता है। इसमें स्नातक, स्नातकोत्तर, और डॉक्टरेट जैसे शिक्षा शामिल हैं। उच्च शिक्षा विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और तकनीकी संस्थानों में उपलब्ध कराई जाती है।

6. व्यावसायिक और तकनीकी शिक्षा (Vocational and Technical Education)

इसमें छात्रों रोजगार युक्त प्रशिक्षण और कौशल विकास को प्राप्त किया जाता है।

Problem of Structure of Education System in India

Common School System in India कई समस्याओ से जूझ रही है I अगर सही मायने में देखा जाय तो यहाँ की शिक्षा प्रणाली मानक के अनुरूप है ही नहीं I आइये जानते है इसके कुछ महत्वपूर्ण चुनौतियां क्या है I

1. शिक्षा लेने और देने के तरीके

भारत में छात्रों को शिक्षा में ग्रेड को पाने पर जोर दिया जाता है I जिसके कारण छात्र पाठ्यक्रम को समझने से ज्यादा रटने पर अधिक ध्यान देता है I इससे छात्र में सर्वांगीण विकास का अभाव रहता है I

2. अत्यधिक प्रतिस्पर्धा

अच्छी शिक्षा के लिए स्कूल या कॉलेज में प्रवेश हो या नौकरी की परीक्षा सभी जगह बहुत ज्यादा प्रतिस्पर्धा है I चुकी भारत देश में जनसंख्या बहुत ज्यादा है I

3. सर्वांगीण विकास का अभाव

अधिकतर स्कूलों में केवल पढ़ाई पर ही ध्यान दिया जाता है I खेलकूद, कला, संस्कृति अदि के विकास की गतिविधिया लगभग नगण्य है I इससे छात्र में सर्वांगीण विकास नहीं हो पता है I

4. प्रायोगिक प्रशिक्षण

किताबी शिक्षा को प्राप्त करने के साथ इसका प्रायोगिक प्रशिक्षण भी होना चाहिए जो हर स्कूल में उपलब्ध नहीं है I

5. पाठ्यक्रम में नवीकरण का अभाव

शिक्षा का पाठ्यक्रम जो बहुत पुराना है जिसे समय समय पर update नहीं हो पाता है I

6. शिक्षा में असमानता

भारत का education system में यह सबसे प्रमुख challenges जो faced किया जाता है I भारत में शिक्षा का स्तर जगह जगह पर बहुत अंतर है I ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षक की कमी के कारण गुणवत्तापूर्ण शिक्षा छात्र को नहीं मिल पाता है I

7. बुनियादी सुविधा में अभाव

कई स्कूल में अभी भी आदर्श कक्षाएं, प्रयोगशाला आदि बुनियादी सुविधा उपलब्ध नहीं है I शौचालय जो हर स्कूल में उपलब्ध नहीं है अगर है भी तो उपयोग लायक नहीं है I

8. क्षेत्रीय भाषा को Neglect करना

वर्तमान में क्षेत्रीय भाषा का स्कूल में उपयोग नहीं होता है I इस कारण भाषा का लोप हो जाता है I

9. शिक्षा का नवीकरण

भारत में निजी स्कूल तो अनेक है जिसमे अच्छी शिक्षा दिया जाता है I परन्तु इसमें फीस ज्यादा होने के कारण सभी वर्ग अपने बच्चे को नहीं पढ़ा पाते है I सरकार भी शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कोई विशेष कदम नहीं उठाते है I

10. भ्रष्टाचार

भारत में शिक्षा प्रणाली की संरचना ( Structure of Education System in India ) में भ्रष्टाचार भी बहुत ज्यादा है I यह शिक्षा की गुणवत्ता, समानता और सभी छात्र के लिए पहुंच को प्रभावित करता है। यह समस्या सभी स्तर के शिक्षा संस्थानों में मौजूद है जैसे :

  • भारत में शिक्षा संस्थानों और प्रतिष्ठित स्कूलों में प्रवेश के लिए रिश्वतखोरी और सिफारिशों का प्रचलन बहुत ज्यादा है। यहाँ योग्य छात्रों को दाखिला नहीं मिलता है, पैसे या संपर्क के आधार पर दाखिला प्राथमिक दिया जाता है।
  • भारत की परीक्षा में नकल, प्रश्नपत्र लीक, और अंक सुधारने जैसी अनैतिक गतिविधियां बहुत आम हैं। इससे देश के छात्रों की योग्यता और मेहनत का सही आकलन नहीं हो पाता।
  • सरकारी स्कूलों में संसाधनों, जैसे मिड-डे मील योजना, छात्रवृत्ति, और मुफ्त पाठ्यपुस्तकों में भ्रष्टाचार को हमेशा देखने को मिल जाती हैं। यह योजना जरूरतमंद छात्रों को मिल ही नहीं पाता।
  • शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया में भी घूसखोरी और सिफारिशो के बल पर अयोग्य लोग शिक्षकों के पद पर आ जाते हैं। इससे शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित होते हैं।
  • निजी स्कूल और कॉलेज भारी डोनेशन के बदले दाखिला देते हैं। इससे केवल अमीर वर्ग ही इस तरह के स्कूल में दाखिला ले पाते है और गरीब वर्ग के छात्रों इससे वंचित रह जाता है।

निष्कर्ष

Education system in india essay के लेख में यह जान पाये की यह एक मजबूत और विस्तृत ढांचा है, जो छात्रों के शैक्षिक, सांस्कृतिक और व्यावसायिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। नई शिक्षा नीति ने भारत की शिक्षा प्रणाली में कई सुधार किए गए हैं, लेकिन अब भी इसे प्रभावी और समावेशी बनाने के लिए कई सुधारात्मक कदम उठाने की आवश्यकता है।

  • रटने की पद्धति छोड़कर परियोजना पर आधारित शिक्षा को बढ़ावा देना है।
  • शिक्षकों को आधुनिक प्रशिक्षण देकर उनकी कार्य स्थितियों में सुधार करना।
  • स्मार्ट कक्षाएं, ई-लर्निंग और एआई-आधारित शिक्षण अपनाना है।
  • गांवों में बेहतर बुनियादी डिजिटल शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराना है।

भारत में शिक्षा सुधार एक अधिक प्रभावी और समावेशी शिक्षण प्रणाली बनाने के लिए आवश्यक है।

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Anand Kumar

मैं आनंद कुमार, पेशे से Engineer हूँ साथ में ब्लॉगर भी हूँ I education, investing, food, personnel finance, share market विषय से संबंधित पोस्ट लिखता हूँ I

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